Bokaro: जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हालात लगातार चिंतनीय होते जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बन गया है। बीते कुछ दिनों में तीन अलग-अलग घटनाओं के साथ ही दो महिलाओं के शव मिलने की खबरों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि महिलाओं को थानों का घेराव और प्रदर्शन तक करना पड़ा।
प्राइवेट बैंक कर्मी ने बताई अपहरण की कोशिश
बोकारो के सेक्टर-4 थाना क्षेत्र की एक प्राइवेट बैंक कर्मी महिला ने खुलासा किया कि 5 फरवरी को घर लौटते समय एक ब्लैक कार (काले शीशे) में सवार तीन महिलाओं ने उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि मना करने पर महिलाएं डांटने वाले अंदाज में दबाव बनाने लगीं। इसी दौरान उनके फोन पर कॉल आने पर कार सवार महिलाएं विपरीत दिशा में फरार हो गईं। महिला ने दावा किया कि कार पर “प्रेस” लिखा हुआ था। हालांकि, पीड़िता ने अभी तक पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दी है, फिर भी पुलिस गाड़ी की तलाश कर रही है।
4 फरवरी से एक और महिला लापता
सबसे गंभीर मामला रिंकू कुमारी का है, जो 4 फरवरी को सेक्टर-12 से घर का सामान लेने निकली थीं। सुबह 11 बजे उन्होंने अपने बेटे को फोन कर पैसे देने की बात कही, उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। उनका मोबाइल भी बंद है। पुलिस के अनुसार उनका आखिरी लोकेशन जरीडीह थाना क्षेत्र के तुपकाडीह का मिला था।
पूर्व घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
इससे पहले, चंदनकियारी थाना क्षेत्र से 13 दिन बाद एक महिला का शव सेक्टर-6 थाना क्षेत्र में झाड़ियों से मिला था। इन घटनाओं ने लोगों में यह विश्वास पैदा कर दिया है कि कोई संगठित गिरोह बोकारो में सक्रिय है। सुरक्षा की मांग को लेकर महिलाओं ने 7 फरवरी को सेक्टर-12 थाना के सामने प्रदर्शन भी किया।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने कहा कि हर केस का स्टेप-बाय-स्टेप समाधान किया जा रहा है। बैंक कर्मी महिला ने अभी तक कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं दी है, फिर भी प्रेस लिखी गाड़ी की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि महिला द्वारा बताई गई जगह के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष लीला देवी ने पुलिस से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई और सुरक्षा देने की मांग की है।


