Ranchi: झारखंड में शहरी सरकार के गठन में इस बार युवाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक देखने को मिल रही है। नगर निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशी पूरे जोश के साथ चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनाव में वार्ड पार्षद पद के लिए 5,957 और महापौर/अध्यक्ष पद के लिए 598 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें करीब 60 फीसदी प्रत्याशी युवा वर्ग से हैं।
पिछले चुनावों से अलग दिखा युवाओं का उत्साह
राज्य में इससे पहले हुए नगर निकाय चुनावों में युवाओं की इतनी बड़ी भागीदारी देखने को नहीं मिली थी। इस बार खास तौर पर पढ़े-लिखे और जागरूक युवा बड़ी संख्या में चुनावी मैदान में उतरे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। ईटीवी भारत से बातचीत में उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं की बढ़ती रुचि से शहरी निकायों के कामकाज में नई सोच और ऊर्जा आएगी।
नाम वापसी के बाद 38 वार्डों में निर्विरोध चुनाव
नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के 48 नगर निकायों में 38 ऐसे वार्ड सामने आए हैं, जहां केवल एक ही प्रत्याशी मैदान में बचा। इस वजह से इन वार्डों में वार्ड पार्षद निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
इन नगर निकायों में हुए निर्विरोध निर्वाचन
निर्विरोध निर्वाचित वार्डों में आदित्यपुर के 2, साहिबगंज के 5, दुमका के 2, रामगढ़ का 1, चक्रधरपुर के 3, कपाली के 2, जुगसलाई के 5, राजमहल के 2, चाकुलिया के 3, मेदिनीनगर के 3, हुसैनाबाद का 1, सरायकेला का 1, मिहिजाम के 3, जामताड़ा के 2, गोड्डा का 1 और चतरा के 2 वार्ड शामिल हैं। इस तरह कुल 38 वार्डों में पार्षद निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
इन वार्डों में नहीं होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि इन 38 वार्डों में अब मतदान की आवश्यकता नहीं है। निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। शेष नगर निकाय क्षेत्रों में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग की ओर से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।


