Ranchi: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने लोकसभा के बजट सत्र के दौरान हो रहे हंगामे के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष निष्पक्षता के बजाय पार्टी विशेष के पक्ष में सदन चला रहे हैं।
“स्पीकर पूरे सदन का होता है, किसी पार्टी का नहीं”
सुबोधकांत सहाय ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का दायित्व पूरे सदन के प्रति होता है, न कि किसी एक दल के प्रति। लेकिन मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष पहले दिन से ही “पार्टी बनकर” काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोलने से किसी ने नहीं रोका, बल्कि वे स्वयं सदन से उठकर चले गए। इसके बावजूद विपक्षी दलों के नेताओं को बार-बार बोलने से रोका जाता है, जो लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा कार्यकाल में 150 विपक्षी सांसदों का निलंबन इसका बड़ा उदाहरण है।
“जनहित के मुद्दे उठाने से रोका जा रहा”
सहाय ने कहा कि आज की स्थिति यह है कि विपक्ष सदन में जनहित के मुद्दे तक नहीं उठा पा रहा है। उनके मुताबिक, संसद के पक्षपातपूर्ण संचालन के कारण ही गलत और जनविरोधी कानून पारित हो रहे हैं।
बोफोर्स मुद्दे पर पलटवार
राज्यसभा में प्रधानमंत्री द्वारा बोफोर्स मामले पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए सुबोधकांत सहाय ने कहा कि कई प्रधानमंत्रियों ने पहले भी इस मुद्दे को उठाया, लेकिन कोई भी राजीव गांधी पर एक उंगली तक नहीं उठा सका। उन्होंने कहा कि अब सत्तापक्ष के पास कहने को कुछ नहीं बचा है।
भाजपा सांसद पर तीखा तंज
बिना नाम लिए झारखंड के एक भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए सुबोधकांत सहाय ने उन्हें “राजनीति का कोढ़” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं होता, तो ऐसे लोगों को आगे कर बयानबाजी करवाई जाती है, यहां तक कि वे न्यायपालिका पर भी टिप्पणी करते हैं और पार्टी के नेता उनकी पीठ थपथपाते हैं।


