Ranchi: केंद्रीय बजट और अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है। कैबिनेट बैठक के बाद झारखंड सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र द्वारा पेश किया गया बजट क्या वास्तव में विकास को बढ़ावा देगा। उनका कहना था कि इस बजट से देश में भुखमरी बढ़ सकती है और कृषि, जो देश का मजबूत स्तंभ रही है, उसे विदेशी बाजारों के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने पूछा, “क्या घरेलू औजार विदेशी कृषि संयंत्र और औजार के मुकाबले टिक पाएंगे?”
सीएम ने व्यापार और उद्योग पर बजट के असर को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि व्यापार जगत का असर व्यापारी ही बता सकते हैं, लेकिन किसानों, मजदूरों और छोटे-मझोले उद्योगों को इसका वास्तविक असर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से आदिवासी और दलित समुदाय पहले ही प्रभावित हैं।
महंगाई को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “कोयले और खनिजों की बढ़ती कीमतों को छोड़िए, क्या पढ़ाई का सामान और खाने-पीने की चीजें सस्ती हुई हैं? अभी तो इसका असर आने दीजिए, फिर देखिए क्या होता है।”
असम दौरे से लौटने के बाद हेमंत सोरेन ने वहां के आदिवासियों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे देश के भीतर ही अलग तरह का समाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि असम में आदिवासी आज भी अपनी मान्यता और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आवाज उठाने पर उन्हें जान-माल का खतरा है। उनका कहना था कि यह स्थिति न केवल असम के लिए बल्कि पूरे देश के लिए चिंताजनक है।


