Chaibasa : चाईबासा जिले के टोंटो थाना क्षेत्र अंतर्गत हुसूपी गांव में अंधविश्वास ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। डायन-बिसाही के आरोप में 57 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला पवदनी सुरीन की भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है, जिसके बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
डायन-बिसाही के शक में किया गया हमला
ग्रामीणों के एक समूह को संदेह था कि पवदनी सुरीन जादू-टोना करती हैं और इसी वजह से गांव में बीमारियां फैल रही हैं। इसी अंधविश्वास के चलते कुछ लोग उनके घर में घुस गए और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और हमले के दौरान लगातार चीखती-चिल्लाती रहीं, लेकिन डर के कारण कोई भी उन्हें बचाने सामने नहीं आया।
इलाज से पहले ही तोड़ा दम
हमले के बाद परिजन और कुछ ग्रामीण उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की बर्बरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
12 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
घटना के 12 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। टोंटो थाना पुलिस जांच की बात कह रही है, लेकिन हत्याकांड के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। खासकर बुज़ुर्ग महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और दोबारा ऐसे हमले की आशंका जता रही हैं।
सामाजिक संगठनों में आक्रोश
इस घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की अपील की है।
पुलिस का बयान
मामले पर टोंटो थाना प्रभारी शिवकुमार हेम्ब्रम ने बताया कि बुज़ुर्ग महिला की हत्या हुई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।



