Deoghar: जिले का सदर अस्पताल, जहां रोज़ सैकड़ों मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, इन दिनों खुद बदहाली का शिकार नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर और अंदरूनी हिस्सों में कूड़े के ढेर, गंदगी और बदबू ने मरीजों व उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि शौचालयों की खराब स्थिति के कारण परिजनों को बाहर होटलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बर्न वार्ड के पास हालात सबसे चिंताजनक
सबसे गंभीर स्थिति बर्न वार्ड के आसपास देखने को मिल रही है। खुले में जमा कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे झुलसे हुए गंभीर मरीजों को अतिरिक्त पीड़ा झेलनी पड़ रही है। परिजनों का कहना है कि यहां संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है।

कर्मचारियों ने उठाया मुद्दा
अस्पताल कर्मी मनोज मिश्रा के अनुसार, सुधार के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण हालात पूरी तरह नहीं सुधर पा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि परिसर में फैली गंदगी मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बनी बड़ी वजह
अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने बताया कि नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। सिर्फ एक डस्टबिन होने से कचरा फैल रहा है। नगर आयुक्त से बात कर अतिरिक्त डस्टबिन लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जल्द समाधान का भरोसा
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने कहा कि हड़ताल के कारण कूड़ा उठाव नहीं हो पा रहा, जिससे समस्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि लगातार बैठकों के जरिए त्वरित समाधान पर काम शुरू हो गया है और जल्द ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि जहां इलाज मिलना चाहिए, वहां अगर गंदगी से बीमारी का खतरा हो, तो मरीज कैसे सुरक्षित रहेंगे? जरूरत है कि अस्पताल प्रशासन और नगर निगम मिलकर स्थायी समाधान करें, ताकि देवघर सदर अस्पताल फिर से इलाज की उम्मीद का केंद्र बन सके।


