Dhanbad: गोविंदपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के एक SDO पर महिला की गरिमा भंग करने के आरोप के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हस्तक्षेप से प्रशासन सक्रिय हुआ है, वहीं दूसरी ओर उनके बयान को लेकर झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस घटनाक्रम से प्रशासन, बिजली विभाग और ऊर्जा कर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।
छापेमारी के दौरान हुआ विवाद, गांव में फैला आक्रोश
मामला सहराज गांव का है, जहां निरसा सब-डिविजन के SDO नीतीश कुमार बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि छापेमारी के दौरान एक घर का गेट तोड़कर प्रवेश किया गया, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इसके बाद गांव में बिजली विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की स्थिति पैदा हो गई।
थाने में शिकायत और मंत्री तक पहुंचा मामला
ग्रामीण महिलाएं SDO को लेकर गोविंदपुर थाना पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। आरोप है कि महिला की ओर से FIR दर्ज नहीं की गई, जबकि बिजली विभाग की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने रांची से लौट रहे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का काफिला पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोककर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी।
मंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि कुछ पदाधिकारी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही पद पर जमे हैं और उन पर वसूली व धमकी के आरोप लगते रहे हैं। मंत्री ने धनबाद एसएसपी को दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
ऊर्जा मित्र संघ में आक्रोश, मनोबल टूटने का आरोप
मंत्री के बयान के विरोध में झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ में भारी नाराजगी देखी गई। धनबाद के धैया स्थित कार्यालय में हुई बैठक में संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के निर्देश पर ऊर्जा मित्र बिजली चोरी रोकने और राजस्व उगाही का काम करते हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान कर्मियों के साथ मारपीट के बावजूद अधिकारियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करना कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने जैसा है।
मारपीट और सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त होने के आरोप
ऊर्जा मित्र संघ के संस्थापक संतोष प्रसाद कुशवाहा ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान ऊर्जा मित्रों के साथ मारपीट हुई, जिसमें कई कर्मी घायल हुए। वहीं झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन के क्षेत्रीय सचिव बबन प्रसाद ने कहा कि निरसा-1 क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से भीड़ ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया तथा सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया।
फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन सक्रिय है। अब महिला के आरोपों और ऊर्जा कर्मियों पर हुए हमलों—दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


