Khunti: पड़हा राजा सोमा मुंडा की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या ने न सिर्फ खूंटी बल्कि पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया था। आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लगातार धरना-प्रदर्शन और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग के बीच खूंटी पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए हत्या में सीधे तौर पर शामिल शूटर और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों सहित छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड अभी पूरी तरह बेनकाब नहीं हो सका है, जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। 
राज्यभर में आक्रोश, पुलिस पर दबाव
सोमा मुंडा की हत्या के बाद पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल बन गया था। पड़हा समाज और आदिवासी संगठनों ने इसे सामाजिक नेतृत्व और आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला बताया। कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। इसी दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। 
जमीन विवाद और अवैध कब्जे की पूरी प्रक्रिया
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या की जड़ में पुराना जमीन विवाद और अवैध जमीन कारोबार है। मुख्य आरोपी दानियल संगा (उम्र लगभग 44 वर्ष), ग्राम मुण्डा चलागी, वर्तमान पता हुटार चौक, थाना-जिला खूंटी, का मृतक सोमा मुंडा से करीब 14 डिसमिल जमीन को लेकर वर्षों पुराना विवाद चल रहा था। दानियल संगा ने उक्त जमीन की रजिस्ट्री तो करा ली थी, लेकिन सोमा मुंडा द्वारा लगातार विरोध किए जाने और निर्माण कार्य नहीं करने देने से वह और उसका परिवार नाराज चल रहा था।
पुलिस के अनुसार दानियल संगा बीते कुछ वर्षों से हुटार और आसपास के इलाकों में चर्चित जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त का काम कर रहा था। इस दौरान सोमा मुंडा द्वारा CNT/मजियास जमीन का हवाला देकर कई सौदों को रुकवाया गया, जिससे जमीन कारोबारी वर्ग में भी उनके प्रति नाराजगी बढ़ती गई।
जियारप्पा की जमीन और ग्रामसभा को साधने की साजिश
नवंबर-दिसंबर 2025 में ग्राम जियारप्पा में खाली पड़ी लगभग 30–32 एकड़ जमीन को बेचने का प्रयास किया जा रहा था। जमीन कारोबारी देवव्रत नाथ शाहदेव, पंकज कुमार शर्मा और चंदन यादव के माध्यम से इस जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश की जा रही थी।
स्थानीय ग्रामसभा के विरोध के कारण जब जमीन की बिक्री संभव नहीं हो सकी, तब कथित तौर पर प्रति डिसमिल 10 हजार रुपये देकर ग्रामसभा के कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों को साधा गया। इसके बाद जेसीबी और ट्रैक्टर के जरिए जमीन की समतलीकरण कराई गई और पहले से लगे सिलापट्ट को उखाड़ दिया गया।
इस पर सोमा मुंडा ने पड़हा समाज की बैठक बुलाकर 03 जनवरी 2026 को दोबारा सिलापट्ट गाड़ने का निर्णय लिया। यही निर्णय जमीन कारोबारियों और आरोपियों को नागवार गुजरा और यहीं से हत्या की साजिश ने अंतिम रूप ले लिया।
स्कूल से निष्कासन बना एक वजह
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मारकुस संगा (उम्र लगभग 20 वर्ष), पिता फुलजेम्स संगा, ग्राम मुण्डा चलागी, पहले सोमा मुंडा द्वारा संचालित विद्यालय में वर्ष 2022 में पढ़ता था।
विद्यालय में उसका आचरण और गतिविधियां सही नहीं पाए जाने पर सोमा मुंडा ने उसे स्कूल से निकाल दिया था। इस बात को लेकर मारकुस संगा अंदर ही अंदर नाराज था। इसी नाराजगी का फायदा उठाते हुए दानियल संगा ने उसे हत्या की साजिश में शामिल किया और 50 हजार रुपये (25 हजार स्वयं तथा 25 हजार जमीन कारोबारियों के माध्यम से) देने का लालच दिया।
हत्या की साजिश और वारदात
दानियल संगा ने अपने भतीजे सुमित दगल सांड (उम्र लगभग 20 वर्ष), पिता नामजन लोहरा, ग्राम मुण्डा चलागी, और मारकुस संगा को शूटर के रूप में तैयार किया।
फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल, देशी पिस्टल और गोलियों की व्यवस्था की गई।
07 जनवरी 2026 को जैसे ही सोमा मुंडा के खूंटी जाने और पत्नी के साथ लौटने की सूचना मिली, आरोपियों ने रेकी कर जमुवादाग तालाब के पास गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
रेकी के लिए रोशन मिचयाड़ी (उम्र लगभग 25 वर्ष), पिता स्व. पीटर मिचयाड़ी, ग्राम बिरहू, सरईटीकरा, को लगाया गया था।
घटना के बाद आरोपी हथियार और वाहन छुपाने के लिए अलग-अलग जगहों पर गए। हथियार को संदीप खलखो (35 वर्ष), पिता महेंद्र खलखो, ग्राम कपरिया, के फॉर्म हाउस में छुपाया गया, जबकि बाइक को इधर-उधर छुपाया गया। 
गिरफ्तार आरोपी
दानियल संगा, 44 वर्ष, ग्राम मुण्डा चलागी, वर्तमान – हुटार चौक, खूंटी
सुमित दगल सांड, 20 वर्ष, ग्राम मुण्डा चलागी, खूंटी
मारकुस संगा, 20 वर्ष, ग्राम मुण्डा चलागी, खूंटी
रोशन मिचयाड़ी, 25 वर्ष, ग्राम बिरहू, सरईटीकरा, खूंटी
संदीप खलखो, 35 वर्ष, ग्राम कपरिया, खूंटी
संतोष दगल सांड, 32 वर्ष, ग्राम मुण्डा चलागी, खूंटी
पुलिस का दावा – जांच जारी
पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने कहा कि यह हत्या सामूहिक साजिश का परिणाम है और किसी एक व्यक्ति को अभी मास्टरमाइंड घोषित नहीं किया जा सकता। सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है।
उन्होंने संकेत दिया कि जमीन कारोबार से जुड़े कुछ और बड़े नाम जांच के दायरे में हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
संदेश साफ
इस हत्याकांड ने यह साफ कर दिया है कि जमीन माफिया, अवैध कब्जा और सामाजिक नेतृत्व के बीच टकराव किस हद तक खतरनाक हो सकता है। पुलिस की कार्रवाई से जनता को राहत जरूर मिली है, लेकिन पूरे राज्य की नजर अब इस बात पर टिकी है कि इस साजिश का असली सूत्रधार कब और कैसे सामने आता है।



