Khunti: टाटा से राउरकेला जा रहा एक ट्रक पेलोल के पास उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जब चलते ट्रक के ब्रेक ऑयल का पाइप अचानक फट गया। पाइप फटने से ट्रक का ब्रेक पूरी तरह फेल हो गया, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 20 फीट नीचे गड्ढे में जा गिरा और पलट गया। हादसे में ट्रक का चक्का और चेचिस ऊपर की ओर हो गया। 
इस दुर्घटना में ट्रक चालक को चोटें आई हैं, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी अन्य प्रकार की बड़ी जान-माल की क्षति नहीं हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मुरहू थाना को सूचना दी, साथ ही एंबुलेंस को भी बुलाया गया। सूचना मिलते ही मुरहू थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को इलाज के लिए सदर अस्पताल, खूंटी भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गौरतलब है कि खूंटी–तोरपा मुख्य सड़क पर पेलोल के पास बनई नदी पर बना पुल लगभग एक वर्ष पूर्व टूट चुका है। इसके बाद वैकल्पिक मार्ग (डायवर्सन) बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इसी दौरान सड़क पर लगे साइनेज और चेतावनी बोर्ड हटा दिए गए। वर्तमान स्थिति यह है कि डायवर्सन अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। बीच में पुलिया निर्माण के बाद दोनों ओर सड़क का कालीकरण नहीं हुआ है और न ही इस मार्ग को आधिकारिक रूप से चालू किया गया है। 
इसके बावजूद सड़क से अवरोध हटाए जाने के कारण सभी प्रकार के वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यहां किसी प्रकार का स्पष्ट डायवर्सन संकेतक या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। यह मार्ग एक स्टेट हाईवे है, जिससे होकर दूसरे राज्यों की गाड़ियां भी गुजरती हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को यह अंदाजा नहीं लग पाता कि आगे सड़क खराब है या डायवर्सन मौजूद है, जिससे उन्हें अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते लगभग एक महीने के भीतर इसी क्षेत्र में यह तीसरा बड़ा सड़क हादसा है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। हालांकि सौभाग्य से अब तक किसी की जान नहीं गई है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो यह स्थिति सड़क निर्माण विभाग और सड़क सुरक्षा विभाग, दोनों की घोर लापरवाही को उजागर करती है। जरूरत इस बात की है कि विभाग केवल हेलमेट और कागजात की जांच तक सीमित न रहे, बल्कि अपनी व्यवस्थागत कमियों को भी तत्काल सुधारे। यदि समय रहते उचित साइनेज, डायवर्सन और सड़क मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों को ही उठानी होगी।



