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कुख्यात मयंक सिंह के गुनाहों का हिसाब शुरू, छत्तीसगढ़ से हुई कई राज्यों की कार्रवाई की शुरुआत

Ranchi : अजरबैजान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह से अब उसके अपराधों का पूरा हिसाब लिया जाएगा। झारखंड एटीएस की कस्टडी के बाद मयंक सिंह फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस की रिमांड में है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ से शुरू हुई यह कार्रवाई जल्द ही कई अन्य राज्यों तक पहुंचेगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस कर रही गहन पूछताछ

झारखंड एटीएस से औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने मयंक सिंह को रिमांड पर लिया है। रायपुर पुलिस अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों को लेकर केस-दर-केस पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मयंक लंबे समय तक विदेश में बैठकर रंगदारी, फायरिंग और धमकी जैसे अपराधों को रिमोट कंट्रोल से संचालित करता रहा।

छत्तीसगढ़ में 45 से अधिक आपराधिक मामले

एटीएस सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मयंक सिंह के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग, आपराधिक साजिश और धमकी से जुड़े 45 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान उसके नेटवर्क, फंडिंग और स्थानीय गुर्गों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर जांच तेज कर दी गई है।

पाकिस्तान से हथियार और हवाला फंडिंग का खुलासा

शुरुआती पूछताछ में मयंक सिंह ने पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई और हवाला के जरिए फंडिंग के बड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। इन इनपुट्स के आधार पर पंजाब और राजस्थान पुलिस भी हथियार तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच में जुट गई है।

कन्फेशन और डिजिटल सबूतों से खुले नए राज

मयंक के कन्फेशन के साथ-साथ डिजिटल और फाइनेंशियल सबूतों से हथियार तस्करी, फाइनेंसरों और हवाला चैनलों की अहम कड़ियां सामने आई हैं। इन्हीं सुरागों को जोड़ते हुए अन्य राज्यों की पुलिस भी सक्रिय हो गई है।

कई राज्यों की पुलिस झारखंड एटीएस के संपर्क में

झारखंड एटीएस एसपी ऋषभ झा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अलावा कई अन्य राज्यों की पुलिस भी एटीएस के संपर्क में है। विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों की केस डायरी और जानकारियां साझा की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस प्रोडक्शन वारंट के जरिए मयंक से पूछताछ करेगी।

विदेश से चलता था अपराध का नेटवर्क

मयंक सिंह ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए विदेश को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। वह अजरबैजान से व्हाट्सएप कॉल, VOIP और इंटरनेट के जरिए अपने गैंग को निर्देश देता था। लंबी कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद उसे भारत लाया गया।

आगे और खुल सकते हैं बड़े खुलासे

जांच एजेंसियों का मानना है कि मयंक सिंह की पूछताछ से न सिर्फ उसके गिरोह, बल्कि उससे जुड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं। आने वाले दिनों में अन्य राज्यों की पुलिस भी उससे पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है।

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