Garhwa : पूर्व मंत्री सह झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर द्वारा दायर मानहानि मुकदमे को लेकर गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी का बयान सामने आया है। विधायक ने साफ कहा है कि वह अपने बयान पर आज भी कायम हैं और उन्होंने किसी प्रकार का अपमान नहीं किया है।
दरअसल, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की है। यह दूसरी बार है जब मिथिलेश ठाकुर की ओर से विधायक के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया गया है। इस याचिका के बाद राजनीतिक गलियारों में मामला गरमा गया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि मिथिलेश ठाकुर के पिता कभी भी स्वतंत्रता सेनानी नहीं रहे। उनके अनुसार, मिथिलेश ठाकुर के पिता फॉरेस्ट विभाग में कार्यरत थे और उन्होंने गढ़वा में भी सेवा दी थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि वह किसी के पिता का अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि सच्चाई सामने रख रहे हैं।
विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि 1947 में देश आजाद हुआ, तो उस समय उनकी उम्र क्या 21 वर्ष थी? यदि वे स्वतंत्रता सेनानी थे तो इसका प्रमाण प्रस्तुत किया जाए और यह भी बताया जाए कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी क्या भूमिका रही। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के किसी को स्वतंत्रता सेनानी बताना, अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।
सत्येंद्रनाथ तिवारी ने यह भी कहा कि यदि माननीय न्यायालय उन्हें बुलाता है तो वह पूरी तरह सहयोग करेंगे और अदालत के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखेंगे। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कोई गलत या अपमानजनक बयान नहीं दिया है और वह अपने कथन पर दृढ़ हैं।


