Deoghar : रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय में झारखंड पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा के फायरब्रांड नेता और गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने इस कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासन में केंद्रीय एजेंसियों को निशाना बनाया जाता रहा है, उसी तर्ज पर झारखंड में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य की पुलिस काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में बाधा डालने का प्रयास है।
उन्होंने दावा किया कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री, पुलिस-प्रशासन और सरकार से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में पुलिस की मौजूदगी से इन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदार अधिकारियों को फंसाने की साजिश हो सकती है।
दरअसल, पेयजल विभाग के एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के मामले में ईडी के कुछ अधिकारियों के खिलाफ झारखंड पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस की टीम ईडी कार्यालय पहुंची थी, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हो गया।
डॉ. दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में पहले भी ईडी के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जांच एजेंसी पर हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के स्वतंत्र और निष्पक्ष कार्य में सीधी दखलअंदाजी बताया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, “झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। भ्रष्टाचार के मामलों में सजा तय है।” साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय से मांग की कि रांची स्थित ईडी कार्यालय की सुरक्षा के लिए वहां केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।



