Garhwa : गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र में अंधविश्वास ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। डायन-भूत के शक में एक बेटे ने अपने ही पिता की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सोते पिता पर किया जानलेवा हमला
यह घटना बड़गड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गड़िया की है। पुलिस के अनुसार, 3 जनवरी 2026 को दोपहर में कुल्हाड़ी से हत्या की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान चंद्रिका राम (पिता- स्व. रोहू राम), निवासी ग्राम गड़िया के रूप में की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या घर के भीतर ही की गई थी।
डायन-भूत के शक में रची गई खौफनाक साजिश
जांच के दौरान ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक का बड़ा बेटा नागेंद्र मोची उर्फ नागेंद्र राम (36 वर्ष) अपने बच्चों और स्वयं की बीमारी के लिए पिता को जिम्मेदार मानता था। वह पिता पर डायन-भूत कराने का आरोप लगाता था और इसी अंधविश्वास के चलते उनके प्रति मन में गहरी नफरत पाल चुका था।
आरोपी ने जुर्म कबूला
पुलिस पूछताछ में नागेंद्र राम ने स्वीकार किया कि 2 जनवरी 2026 की रात उसने अपने पिता को घर में अकेले सोते हुए देखा और कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वह सामान्य रूप से घर में ही रहा, जिससे किसी को तुरंत शक नहीं हुआ।
हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून लगी कुल्हाड़ी (लकड़ी के बेट सहित), खून लगी मिट्टी, काले रंग का जैकेट और लाल रंग का लोवर पैंट बरामद किया है। इस मामले में बड़गड़ थाना कांड संख्या 01/26, दिनांक 3 जनवरी 2026 को धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
इस पूरे मामले के खुलासे और गिरफ्तारी में रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी भंडरिया सुभाष कुमार पासवान, बड़गड़ थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य, पुअनि राजेश कुमार वर्मा समेत बड़गड़ थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल रहे।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंधविश्वास किस तरह समाज में हिंसा और पारिवारिक विनाश का कारण बन रहा है।



