Akshaye Khanna : बॉलीवुड के सबसे सधे और प्रतिभाशाली अभिनेताओं में गिने जाने वाले अक्षय खन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत के किरदार को लेकर जहां उनकी जमकर तारीफ हो रही है, वहीं ‘दृश्यम 3’ छोड़ने को लेकर वह विवादों में भी घिर गए हैं। इसी बीच उनका एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर की नाकामी की वजह खुद बताई थी।
अक्षय खन्ना कई क्लासिक और यादगार फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि उन्हें अपने समकालीन अभिनेताओं जैसी निरंतर व्यावसायिक सफलता नहीं मिली। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ स्वीकार किया था कि गलत फिल्मों और स्क्रिप्ट्स के चुनाव ने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया।
उनका कहना था, “मुझे शुरुआत में बहुत कम सक्सेस मिली। मैंने गलत फिल्में कीं, गलत स्क्रिप्ट चुनी। काफी गड़बड़ हुई, लेकिन मैंने कभी किसी की नकल करने की कोशिश नहीं की।”
अक्षय ने यह भी खुलासा किया था कि उनके पिता और दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना उन्हें फिल्मों में भेजने के पक्ष में नहीं थे। अक्षय के मुताबिक, “मुझे किसी ने प्रोत्साहित नहीं किया। पापा चाहते थे कि मैं आगे पढ़ाई करूं। लेकिन 15–16 साल की उम्र में ही मैंने तय कर लिया था कि अगर जिंदगी में कुछ करना है, तो यही करना है।”
अक्षय खन्ना को फिल्मों में पहला ब्रेक बेहद दिलचस्प तरीके से मिला। उन्होंने बताया कि फिल्ममेकर जेपी दत्ता उनके पिता के घर डिनर पर आए थे। उस वक्त अक्षय बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे और उनकी उम्र करीब 18 साल थी।
जेपी दत्ता ने उनसे सीधे पूछा, “मैं ‘बॉर्डर’ बना रहा हूं, क्या तू इसमें काम करेगा?”
अक्षय ने झिझकते हुए हां कह दी। बाद में जब विनोद खन्ना को पता चला तो उन्होंने कहा कि पहली फिल्म मल्टीस्टारर नहीं होनी चाहिए और पहले एक अलग फिल्म बनाई जाएगी। यहीं से अक्षय के फिल्मी सफर की औपचारिक शुरुआत हुई।
अक्षय खन्ना ने कभी ट्रेंड फॉलो करने या किसी सुपरस्टार की छवि की नकल करने की कोशिश नहीं की। यही वजह रही कि वह एक क्रिटिक्स के पसंदीदा अभिनेता बने, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर लगातार हिट देने वाले स्टार नहीं बन पाए।
आज जब वह धुरंधर, दृश्यम 2, सेक्शन 375 जैसी फिल्मों से फिर से अपनी अभिनय क्षमता साबित कर रहे हैं, तो यह साफ है कि अक्षय खन्ना फ्लॉप नहीं हुए—बस उनकी राह बाकी सितारों से अलग रही।



