Ranchi : रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के नाम पर फ्रॉड का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधिकारी निरीक्षण के नाम पर रात में पहुंचा और जालसाजी की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना EPFO से जुड़े फ्रॉड के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है।
आरोपित अधिकारी पर FIR
डोरंडा थाना में अरुण कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर मनोज कुमार राय के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपित वर्तमान में जमशेदपुर के क्षेत्रीय EPFO कार्यालय में सेक्शन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। रांची में उनका पता राय इंक्लेव, नियर सरकारी कुआं, चिरौंदी बोड़या बताया गया है। स्थायी पता आमबगान, साकची, जमशेदपुर है।
जालसाजी के गंभीर आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, 29 अक्टूबर को मनोज कुमार राय बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के प्रतिष्ठान के कार्यालय का दोपहर और रात में दो बार दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मृत सदस्य स्वर्गीय मो रियाज से जुड़े भविष्य निधि, पेंशन और EDLI दावों को प्रमाणित कराने के लिए दबाव डाला। शिकायत में आरोप है कि इस दौरान प्रतिष्ठान के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षरों की जालसाजी की गई।
30 अक्टूबर को स्वर्गीय मो रियाज की पत्नी के नाम से EPFO, पेंशन और EDLI दावों के लिए आवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें कई गंभीर विसंगतियां पाई गईं। मृत्यु प्रमाणपत्र संदिग्ध था और QR कोड कार्यशील नहीं था। दावा प्रपत्रों पर अधिकृत अधिकारियों के हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।
जांच और CCTV फुटेज
प्रतिष्ठान ने जांच के लिए एक अधिकारी भेजा। जैन ट्रेवल्स की ओर से 11 और 18 नवंबर को स्पष्ट किया गया कि उन्होंने किसी भी दावे का प्रमाणन नहीं किया और दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। कार्यालय के CCTV फुटेज में पाया गया कि मनोज कुमार राय ने ही दावा आवेदन डाक प्राप्ति अनुभाग में प्रस्तुत किया था।
पुलिस कार्रवाई
इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। जांच पुलिस अवर निरीक्षक हरि प्रसाद महतो को सौंपी गई है। पुलिस ने कहा कि सभी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



