Ranchi : बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। इस फैसले पर जहां भाजपा इसे संगठनात्मक मजबूती और नेतृत्व में बदलाव का संकेत बता रही है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस ने इसे वंशवाद का ताजा उदाहरण करार दिया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने नितिन नबीन के मनोनयन का स्वागत करते हुए कहा कि यह पार्टी आलाकमान का बेहतरीन निर्णय है। उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व को आगे लाकर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि पार्टी परिवर्तन और नई ऊर्जा को अपनाने के लिए तैयार है।
“बीजेपी अब दो लोगों की पार्टी बन गई है” : JMM
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने नितिन नबीन को शुभकामनाएं देते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि वंशवाद पर सवाल उठाने वाली भाजपा ने खुद नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर वंशवाद का ताजा उदाहरण पेश किया है। मनोज पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में झारखंड में मृत भाजपा नेताओं को मंडल अध्यक्ष बनाए जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उनके मुताबिक, भाजपा अब “दो लोगों की पार्टी” बनकर रह गई है, जहां मनचाहे लोगों को रबर स्टांप की तरह पद दिए जा रहे हैं।
“भाजपा में लोकतंत्र नहीं” : कांग्रेस
झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता जगदीश साहू ने भी नितिन नबीन की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से जेपी नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं और अब नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
जगदीश साहू ने कहा कि नितिन नबीन, दिवंगत भाजपा नेता और विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा के पास पार्टी के भीतर कोई ऐसा अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता नहीं था, जो अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर इस पद तक पहुंचता।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वंशवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला करने वाली भाजपा को अब इस मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। नितिन नबीन की नियुक्ति को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच जारी यह बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।


