Jamshedpur : आंखों की रोशनी बचाने की दिशा में सदर अस्पताल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में अब हर सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी की जाएगी। यह सुविधा राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है, जिससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक नियमित सरकारी सुविधा के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जहां एक आंख के ऑपरेशन पर 15 से 25 हजार रुपये तक खर्च आता था। नई व्यवस्था से यह आर्थिक बोझ खत्म होगा।
स्क्रीनिंग के बाद होगी सर्जरी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहले स्क्रीनिंग और प्रारंभिक जांच की जाएगी। योग्य पाए जाने पर ब्लड टेस्ट, बीपी और शुगर जांच के बाद मरीजों को भर्ती कर सर्जरी की जाएगी। ऑपरेशन नेत्र विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जाएगा, जिसमें अनुभवी डॉक्टर, नर्स और तकनीकी स्टाफ शामिल होंगे।
जिले भर में मरीजों की पहचान के निर्देश
इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, सीएचओ, एएनएम, सहिया और नेत्र सहायकों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में मोतियाबिंद से ग्रसित मरीजों की पहचान कर स्क्रीनिंग कराएं और उन्हें सदर अस्पताल भेजना सुनिश्चित करें।
हजारों मरीजों को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में हर साल 3,500 से 4,000 नए मोतियाबिंद मरीज सामने आते हैं। कुल अंधत्व के मामलों में 60–65 प्रतिशत कारण मोतियाबिंद होता है। सदर अस्पताल में सप्ताह में दो दिन सर्जरी शुरू होने से हर सप्ताह 20–25 मरीजों का ऑपरेशन संभव होगा, जिससे सालाना करीब 2,000 से अधिक मरीजों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न सिर्फ अंधत्व की दर घटाने में सहायक होगी, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को भी और मजबूत बनाएगी।



