Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी बीजेपी विधायकों ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया। रांची स्थित विधानसभा पोर्टिको में भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।
इस दौरान भाजपा विधायक नीरा यादव ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गीत गाकर सरकार पर निशाना साधती हुई नजर आईं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपये में उपलब्ध कराने, किसानों के धान का एमएसपी 3200 रुपये करने और लंबित छात्रवृत्ति भुगतान जैसे वादे याद दिलाए। भाजपा विधायक उज्ज्वल दास ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम साबित हो रही है।
उज्ज्वल दास ने कहा कि सरकार के कार्यकाल में युवा, किसान और आम जनता सभी त्रस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार जनता से किए वादों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। इसी बीच सदन में बोलने का अवसर नहीं मिलने पर नाराज़ नीरा यादव पोर्टिको में बैठी रहीं। मंत्री इरफान अंसारी उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन वे नहीं मानीं। बाद में स्पीकर के हस्तक्षेप पर विधायक लुईस मरांडी और पूर्णिमा दास उन्हें सदन में वापस लाने में सफल रहीं।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार जनता से किए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रवृत्ति समस्या पर उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि खतियान आधारित स्थानीयता लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है, लेकिन केंद्र की नीतियों ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया है।
इधर, सत्ता पक्ष ने केंद्र सरकार पर भी पलटवार किया। मंत्री चमरा लिंडा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूछा कि केंद्र का ओबीसी आरक्षण, स्थानीय नीति और 2 करोड़ नौकरी देने का वादा कहां गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 15-15 लाख रुपये देने के वादे का क्या हुआ, इसका जवाब बीजेपी दे।
जेएमएम विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें पूरा किया भी जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार मुद्दों को तूल देने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार जमीन पर काम कर रही है। कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र के चौथे दिन विपक्ष पूरे आक्रामक तेवर में दिखा, वहीं सत्ता पक्ष भी पलटवार करने में पीछे नहीं रहा।


