Giridih: गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड के पोबी गांव में बुधवार देर रात हुए भयावह सड़क हादसे में दो युवा—रोहित तुरी और चंदन तुरी (दोनों 22 वर्ष)—की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों किसी निजी काम से जमुआ से लौट रहे थे जब अचानक उनकी तेज रफ्तार बाइक बेकाबू हो गई। पोबी मोड़ से लगभग 100 मीटर पहले बाइक बिजली के पोल से जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। ग्रामीणों के पहुंचने तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
बेकाबू बाइक बिजली के पोल से भिड़ी, मौके पर ही खत्म हुई जिंदगी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक अत्यधिक तेज रफ्तार में थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी। सड़क पर मिले गहरे टायर निशानों से साफ है कि बाइक काफी दूरी तक फिसलते हुए पोल से भिड़ी। टक्कर की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक दोनों युवक दम तोड़ चुके थे। हादसे की तस्वीर और बाइक की हालत देखकर टक्कर की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया तेज रफ्तार का कारण, पोस्टमॉर्टम पूरा
हादसे की सूचना मिलते ही जमुआ थाना प्रभारी मणिकांत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया। रात में ही शव को थाने ले जाया गया और सुबह गिरिडीह सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना का मुख्य कारण अतिवेग यानी तेज रफ्तार थी। बाइक की बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत ने यह पुख्ता कर दिया कि टक्कर बेहद जोरदार रही होगी।

गांव में पसरा मातम, कमाऊ बेटों के खोने से टूटे परिवार
घटना की खबर फैलते ही पोबी गांव में मातम छा गया। दोनों युवक अपने-अपने परिवारों के अंतिम कमाने वाले सदस्य थे और घर की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। अचानक हुई मौत ने दोनों परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। लोगों का हुजूम सुबह से ही मृतकों के घरों में उमड़ा रहा। हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल, स्ट्रीट लाइट और संकेतकों की कमी
हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि रात में सड़क पर स्ट्रीट लाइट की भारी कमी रहती है, जिससे वाहन चलाना अत्यधिक जोखिम भरा हो जाता है। चेतावनी बोर्ड और संकेतक भी कई जगहों पर नहीं लगाए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क सुरक्षा के उपायों को बेहतर किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा लापरवाही और सुरक्षा खामियों का गंभीर संकेत देता है।



