Ghatsila : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की मतगणना शुक्रवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई और 7वें राउंड तक झामुमो (जेएमएम) प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने मजबूत बढ़त बना ली है। वे भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन से 7762 वोट से आगे चल रहे हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। काउंटिंग केंद्र के बाहर समर्थकों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है।
मतगणना जमशेदपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज परिसर में 15 टेबलों पर की जा रही है। कुल 20 राउंड में वोटों की गिनती होगी और दोपहर बाद अंतिम परिणाम सामने आने की संभावना है। हर टेबल पर एक पर्यवेक्षक, एक सहायक और एक माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई है ताकि गिनती प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
यह उपचुनाव झामुमो के वरिष्ठ नेता और शिक्षा मंत्री रहे रामदास सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर कराया गया। 11 नवंबर को हुए मतदान में लोगों ने उत्साह दिखाया और 74.63% वोटिंग दर्ज की गई। शांतिपूर्ण व भयमुक्त मतदान ने चुनाव प्रक्रिया को और विश्वसनीय बनाया।
घाटशिला सीट पर भाजपा और झामुमो के बीच हमेशा से मुकाबला दिलचस्प रहा है। इस बार भी भाजपा के पूर्व सीएम चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन और जेएमएम के दिवंगत विधायक के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन के बीच सीधी टक्कर है। 2024 के चुनाव में दिवंगत रामदास सोरेन ने बाबूलाल सोरेन को बड़े अंतर से हराया था, और अब उनके पुत्र वही विरासत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह उपचुनाव सिर्फ प्रत्याशियों की नहीं, बल्कि कई दिग्गज नेताओं की राजनीतिक साख की भी परीक्षा बन गया है। जेएमएम की ओर से खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मैदान में दिखे, जबकि भाजपा की तरफ से पाँच पूर्व मुख्यमंत्री समेत ओडिशा के सीएम तक प्रचार के लिए आए। ऐतिहासिक रूप से देखें तो 2005 से अब तक यह सीट कांग्रेस, जेएमएम और भाजपा के बीच कई बार बदल चुकी है। अब नतीजा तय करेगा कि घाटशिला का जनादेश किसके पक्ष में जाता है।



