Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने भाजपा नेता भैरव सिंह को मारपीट के मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान की है। भैरव सिंह पर आरोप था कि उन्होंने स्मार्ट बाजार पार्किंग में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की थी। निचली अदालत ने पहले उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था।
जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि रिकॉर्ड में गंभीर अपराध के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 47 का उल्लंघन किया है। गिरफ्तारी का कारण न तो भैरव सिंह को बताया गया और न ही उनके परिवार को सूचित किया गया।
अदालत को बताया गया कि भैरव सिंह को 19 जुलाई को चुटिया थाना में दर्ज केस में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने 25 मई को स्मार्ट बाजार पार्किंग में एक व्यक्ति की पिटाई की और धमकाया। हालांकि इंज्यूरी रिपोर्ट में हल्की चोटों की बात कही गई है, लेकिन पुलिस ने उन पर जानलेवा हमले की धारा लगा दी थी।
भैरव सिंह का दावा है कि घटना के समय वे अपने घर पर थे और यह बात सीसीटीवी फुटेज से साबित हो सकती है। उन्होंने 31 मई को पुलिस को इसकी जानकारी भी दी थी, लेकिन जांच में इसे नजरअंदाज कर दिया गया। गिरफ्तारी प्रक्रिया में पुलिस द्वारा कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भाजपा नेता भैरव सिंह को राहत मिली है। अदालत ने कहा कि जांच जारी रहेगी, लेकिन जमानत पर रहते हुए उन्हें हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा। यह फैसला पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े करता है।



