Bermo: झारखंड पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 से अधिक मामलों में वांछित खूंखार नक्सली फूलचंद किस्कू उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसे बचपन में बैल का लालच देकर नक्सल संगठन में शामिल कराया गया था। कम उम्र में बेहतर जीवन और खेती के साधन का झांसा देकर नक्सलियों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया था।
गोमिया थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती धमधरवा गांव निवासी फूलचंद किस्कू पर हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान उसे गांव के पास के जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया।
करीब दस वर्ष पूर्व, नक्सलियों ने फूलचंद को खेती के लिए एक जोड़ा बैल देने का वादा किया था और उसी लालच में उसने संगठन जॉइन कर लिया था। लेकिन समय के साथ उसके सभी नक्सली साथी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए, और फूलचंद को न बैल मिला, न ही सामान्य जीवन का अवसर। वह लगातार पुलिस की नजरों से बचता रहा।
जब पुलिस पहली बार उसके घर पहुंची, तो वह वहां से फरार हो गया था। उसकी बहू ने पुलिस को बताया कि फूलचंद के अपराधी घोषित होने के कारण परिवार किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रहा है। परिवार पर सामाजिक बहिष्कार का भी असर पड़ा है।
पुलिस ने उस वक्त परिवार को राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के बारे में बताया था, ताकि फूलचंद स्वेच्छा से संगठन छोड़ सके। लेकिन परिवार ने उस समय कोई सहयोग नहीं किया। बाद में पुलिस ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया और उसे घेराबंदी के दौरान दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद फूलचंद किस्कू को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह गिरफ्तारी क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम सफलता है। साथ ही, पुलिस ने स्थानीय युवाओं से अपील की है कि वे बहकावे में आकर हिंसक रास्ता न चुनें और सरकार की विकास योजनाओं से जुड़ें।



