Ranchi : मोंथा चक्रवात के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। रांची समेत राज्य के कई जिलों में गुरुवार को रिमझिम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ओरमांझी स्थित चुटुपालु घाटी में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह के समय ठंड का अहसास और बढ़ गया। राजधानी रांची का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। इस दौरान उत्तर-पूर्वी झारखंड — देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा, गिरिडीह और साहिबगंज जिलों में मेघगर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा।
पिछले कुछ दिनों से झारखंड में तेज धूप के बावजूद हवा में नमी थी, लेकिन मोंथा चक्रवात के कारण आई वर्षा से मौसम में ठंडक घुल गई है। अहले सुबह और देर शाम को धुंध और कोहरे का असर दिखने लगा है। लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं और शाम ढलते ही सिहरन महसूस हो रही है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि दो जगहों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ में 75 मिमी वर्षा सबसे अधिक दर्ज की गई। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.3°C पाकुड़ में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6°C लातेहार में रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रांची में भी पूरे दिन बादल छाए रहे और बीच-बीच में रिमझिम बारिश होती रही। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 24.4°C और न्यूनतम तापमान 21.4°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह झारखंड में सर्दी के मौसम की शुरुआती दस्तक है। नवंबर के पहले सप्ताह से राज्य के अधिकांश इलाकों में तापमान में तेजी से गिरावट होगी और रांची, खूंटी, गुमला, चाईबासा जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में सर्द हवाओं का असर और अधिक स्पष्ट दिखेगा।



