Ranchi : झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) इस बार विशेष होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं। राज्य सरकार ने दोनों को औपचारिक आमंत्रण भेज दिया है और उनसे संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित होने वाली बैठक में स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक में कैबिनेट सचिव, वित्त सचिव, राजस्व सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अब तक राज्य स्थापना दिवस से जुड़े एक दर्जन से अधिक कार्यक्रमों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, जो मुख्यमंत्री की घोषणाओं और राज्य के विकास योजनाओं पर आधारित हैं।
इस अवसर पर राज्य में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रस्तावित है। बताया गया है कि बोकारो और गोड्डा में इंजीनियरिंग कॉलेजों का उद्घाटन किया जा सकता है। इसके अलावा, चार नए मेडिकल कॉलेजों के शिलान्यास की भी संभावना है। स्वास्थ्य विभाग रिम्स-2 (RIMS-2) के शिलान्यास की तैयारी कर रहा है, जबकि सीएम फेलोशिप योजना की शुरुआत भी इसी दौरान की जा सकती है।
नगर विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति और पर्यटन विभागों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग इस अवसर पर कई नई योजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे झारखंड को पर्यटन के नए गंतव्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थापना दिवस के तहत 11 नवंबर से 29 नवंबर तक कई सांस्कृतिक और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें “रन फॉर झारखंड”, स्ट्रीट डांस, रैलियां, जतरा, और “आपकी सरकार आपके द्वार” जैसी जनकल्याण योजनाएं शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार जनता तक अपने कार्यों और नई योजनाओं की जानकारी पहुंचाएगी।
कार्यक्रमों की श्रृंखला का समापन 29 नवंबर को किया जाएगा, जब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से चयनित 140 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि झारखंड स्थापना दिवस को विकास, रोजगार और जनभागीदारी का प्रतीक बनाया जाए, ताकि राज्य अपनी नई दिशा और उपलब्धियों के साथ 25वें स्थापना वर्ष की ओर बढ़ सके।



