Ranchi : रांची में कांग्रेस ने भाजपा प्रवक्ता पिंटू महादेव द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ ‘छाती में गोली मारने’ जैसी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। मीडिया चेयरमैन सतीश पाल मुंजनी ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक राजनीति पर हमला बताया।
मुंजनी ने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद स्वीकार्य है, लेकिन किसी नेता के खिलाफ खुला हिंसा का आह्वान करना फासीवादी सोच का प्रतीक है। उनका कहना है कि यह वही जहरीली मानसिकता है जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।
कांग्रेस का आरोप है कि यह बयान सिर्फ राहुल गांधी के खिलाफ नहीं है, बल्कि देश के हर उस युवा के खिलाफ है जो बेरोजगारी, महंगाई और नफरत की राजनीति के खिलाफ सवाल उठाता है। इसे लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया गया।
मुंजनी ने भाजपा से अपील की कि वे प्रवक्ता के बयान से खुद को तुरंत अलग करें और इस पर तत्काल कार्रवाई करें। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि हिंसक सोच पार्टी की आधिकारिक नीति का हिस्सा है।
कांग्रेस ने भाजपा से मांग की है कि प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके अलावा पार्टी ने सार्वजनिक माफी मांगने और मीडिया संस्थानों से ऐसे लोगों को मंच देने से बचने का आग्रह किया है।
मुंजनी ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज न धमकी से दबेगी और न गोली से। वे युवाओं और लोकतंत्र के लिए खड़े रहने वाले हर व्यक्ति की आवाज को और बुलंद करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी संवैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस विवाद ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। दोनों पार्टियों के बीच इस मामले पर तीखी बयानबाजी जारी है, जिससे आगामी दिनों में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।



