Seraikela: खरसावां से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) विधायक दशरथ गागराई पर गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व सैनिक लालजीराम तियू ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि विधायक ने अपना असली नाम रामकृष्णा गागराई छिपाकर झूठा शपथ पत्र दाखिल किया और बार-बार चुनाव लड़ा। आरोप है कि इस गड़बड़ी के जरिए उन्होंने अपने भाई को सीआरपीएफ में नौकरी भी दिला दी।
चुनाव आयोग ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच का आदेश दिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने सरायकेला-खरसावां के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को मामले की जांच सौंपी है। वहीं, 20 सितंबर को शिकायतकर्ता ने गृह मंत्री को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
सूत्रों के मुताबिक, विधायक के भाई रामकृष्ण गागराई फिलहाल चक्रधरपुर सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन में पदस्थापित हैं। पहले वे डीआईजी मुख्यालय में अटैच थे। आरोप यह है कि नाम बदलकर भाई को नौकरी दिलाने और खुद विधायक बनने का षड्यंत्र रचा गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि दशरथ गागराई ने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में झूठे शपथ पत्र दाखिल किए। जबकि उनके शैक्षणिक और जन्म प्रमाण पत्रों में उनका नाम स्पष्ट रूप से रामकृष्णा गागराई दर्ज है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं।
विधायक दशरथ गागराई ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि “यह आरोप निराधार हैं और आरोप लगाने वाला खुद आपराधिक मामलों में आरोपी है।” उन्होंने जोड़ा कि तीन बार विधायक चुने जाने के बावजूद हर बार उन पर झूठे आरोप लगाए गए और जांच में उनकी छवि साफ निकली।
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज़ हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव ने कहा कि इतने बड़े आरोप बिना साक्ष्य संभव नहीं हैं और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वहीं भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने दावा किया कि यदि गहन जांच हुई तो और भी कई कांड सामने आ सकते हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि चुनाव आयोग से इस संबंध में पत्र मिला है और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि “जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।” अब सभी की नजरें आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे विधायक पर लगे गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।



