Giridih: गिरिडीह शहर के गांधी चौक पर शनिवार देर शाम अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने एक मासूम बच्चे की जान ले ली। हादसा उस समय हुआ जब अंकुश ठाकुर अपने माता-पिता के साथ कपड़ा खरीदने आया था। बारिश के दौरान उसकी मां बच्चे को गोद में लेकर नाले के किनारे खड़ी थी, तभी बच्चा अचानक मां की गोद से फिसलकर नाले में गिर गया और तेज बहाव में बह गया। हादसे के तुरंत बाद परिजन और आसपास के लोग बचाने की कोशिश में जुटे, लेकिन मासूम कुछ ही पलों में नजरों से ओझल हो गया।

घटना के बाद गांधी चौक पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। नगर थाना पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नाले के कई हिस्सों को तोड़ने के लिए तीन जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। भारी बारिश और अंधेरे के बीच भी घंटों तक खोजबीन जारी रही, लेकिन रात तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।
रात भर चलाए गए अभियान के दौरान बच्चे की मां पास के दुर्गा मंदिर में प्रार्थना करती रही। रात करीब तीन बजे तक जेसीबी और पंप की मदद से नाले में तलाश जारी रही, लेकिन लगातार बारिश और अंधेरे के कारण ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इस बीच प्रशासन ने नाले में पानी निकालने और खुदाई का कार्य जारी रखा।

रविवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन फिर तेज किया गया। नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन ने बताया कि जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से नाले की खुदाई और पानी निकालने का काम सुबह से चल रहा था। तलाश के दौरान हादसे वाली जगह से लगभग दो किमी दूर बच्चे का शव बरामद किया गया और उसे गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया।
इस घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। देर रात से ही लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और रविवार सुबह शहर के बड़ा चौक पर सड़क जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि अगर प्रारंभिक समय से ही तेज और प्रभावी कार्रवाई होती, तो मासूम को बचाया जा सकता था। घटना ने शहर में सुरक्षा और नाले की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


