Deoghar: मधुपुर पुलिस ने शनिवार को नकली लॉटरी छापने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। गुप्त सूचना के आधार पर पथरोल और मधुपुर थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी करते हुए बहादुरपुर और फतेहपुर गांव में कार्रवाई की। इस दौरान एबी चिकन व्यवसाय के मालिक आफताब के गोदाम से भारी मात्रा में नकली लॉटरी टिकट बरामद किए गए। साथ ही प्रिंटर, कटर मशीन और पंचिंग मशीन समेत टिकट छपाई में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए। यह पूरी कार्रवाई मधुपुर थाना प्रभारी नईम अंसारी और पथरोल थाना प्रभारी दिलीप बिलूंग के नेतृत्व में की गई।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से नकली लॉटरी का धंधा कर रहा था। इसकी सप्लाई झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में होती थी। आरोपी संगठित नेटवर्क बनाकर यहां से नकली टिकट भेजते थे और करोड़ों रुपए का मुनाफा कमा रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि इस धंधे में मकान मालिक और गोदाम उपलब्ध कराने वाले भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब इनकी भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 10 जुलाई को मधुपुर पुलिस ने पनाहकोला स्थित एक निजी आवास पर छापेमारी कर नकली लॉटरी छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस वक्त तिलैयाताड़ निवासी मोहम्मद नसीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि मधुपुर और आसपास के इलाकों में नकली लॉटरी का कारोबार गहराई तक फैला हुआ है।
अवैध लॉटरी कारोबार का सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग पर पड़ रहा है। आसान पैसे के लालच में कई युवा इसमें फंस जाते हैं और बाद में आर्थिक व पारिवारिक संकट झेलते हैं। वहीं नकली टिकट बेचने वाले गिरोह करोड़ों की संपत्ति बना रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते इस धंधे पर रोक नहीं लगाई गई तो यह युवाओं को और ज्यादा प्रभावित करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध लॉटरी ने सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर कर दिया है। हालांकि पुलिस की हालिया कार्रवाई से लोगों को राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया जाएगा।



