AK-47, SLR, AK-56 जैसे हथियार किए पुलिस को सुपुर्द
RANCHI। झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के 9 उग्रवादियों ने सोमवार को लातेहार में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें पांच कुख्यात उग्रवादी शामिल हैं, जिन पर सरकार ने कुल 23 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। सरेंडर के दौरान उग्रवादियों ने एके-47, एसएलआर और एके-56 जैसे आधुनिक हथियार भी पुलिस को सौंप दिए।
सरेंडर करने वालों में जोनल रैंक का एक, सब-जोनल रैंक के चार और एरिया कमांडर रैंक के चार उग्रवादी शामिल हैं। इनमें 5-5 लाख के इनामी जोनल कमांडर रविंद्र यादव, सब-जोनल कमांडर अखिलेश यादव, बलदेव गंझू, मुकेश राम उर्फ कल्लू उर्फ आजाद, और 3 लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर पवन उर्फ राम प्रसाद, एरिया कमांडर ध्रुव जी उर्फ राजू राम, विजय यादव, सरवन सिंह उर्फ पारस और मुकेश गंझू के नाम प्रमुख हैं।
सभी उग्रवादियों ने सीआरपीएफ 11 बटालियन के पुलिस महानिरीक्षक साकेत कुमार सिंह, आईजी अभियान माइकल राजेश, आईजी पलामू जोन सुनील भास्कर, डीआईजी नौशाद आलम, एसपी कुमार गौरव और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने उन्हें बुके, शॉल और इनामी राशि का प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक साकेत कुमार सिंह ने कहा कि इन उग्रवादियों के सरेंडर से लातेहार से JJMP संगठन का पूरी तरह सफाया हो गया है। उन्होंने बताया कि गुमला, चतरा और पलामू में कुछ नक्सली अब भी सक्रिय हैं, लेकिन उनकी संख्या बेहद कम है। चाईबासा क्षेत्र में अब भी चुनौती बनी हुई है, जिसे जल्द समाप्त कर लिया जाएगा।
सरेंडर करने वाले उग्रवादियों ने पुलिस को कुल 12 हथियार, 1782 कारतूस और 26 मैगजीन सौंपे। बरामद हथियारों में एक AK-56, चार AK-47, तीन SLR, दो .303 राइफल, एक 30.60 MI राइफल शामिल हैं। अधिकारियों ने खुलासा किया कि इनमें से कई हथियार, खासकर AK-56 और चार AK-47, पुलिस से लूटे गए थे।
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हुआ है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से न केवल उग्रवादियों को मुख्यधारा से जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य में शांति और विकास की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।



