Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की शुरुआत सोमवार से हो गई। अभियान के पहले दिन राज्यभर के मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान मतदाताओं के सत्यापन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 29 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इसी को लेकर बीएलओ और बीएलए-2 को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना बताया गया है।
अभियान के पहले दिन चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने खूंटी जिले के तोरपा क्षेत्र स्थित मतदान केंद्र संख्या 84, 87 और 89 का निरीक्षण किया तथा विशेष पुनरीक्षण कार्य की प्रगति और तैयारियों की समीक्षा की।

रांची, बोकारो सहित अन्य जिलों में भी चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने बीएलओ और बीएलए-2 से बातचीत कर अभियान से जुड़ी चुनौतियों और कार्यप्रणाली की जानकारी ली तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
SIR अभियान शुरू होते ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अवैध रूप से मतदाता सूची में शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विशेष रूप से संताल परगना क्षेत्र में घुसपैठ और भूमि अतिक्रमण जैसे मुद्दों को देखते हुए यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
वहीं कांग्रेस ने अभियान पर नजर बनाए रखने की बात कही है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटे। इसके लिए कांग्रेस ने अपने स्तर पर बीएलए-2 की नियुक्ति की है, जो पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से अपना कार्य करना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न किसी वैध मतदाता का नाम हटना चाहिए और न ही किसी अवैध व्यक्ति का नाम जोड़ा जाना चाहिए।



