Palamu : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलामू में आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) के तहत जेल भेजे गए आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस अवसर पर झारखंड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री इंदर सिंह नामधारी को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों को जेल भेजा गया।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं, उन्हें अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए। उनके अनुसार, आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों को गंभीर क्षति पहुंची थी।
इस अवसर पर इंदर सिंह नामधारी ने भी आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा गया था और इसके राजनीतिक परिणाम भी बाद में देखने को मिले। उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं से लोकतंत्र की रक्षा का संदेश मिलता है।
पलामू के सांसद विष्णुदयाल राम ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल के बाद हुए आम चुनाव में जनता ने तत्कालीन सरकार को सत्ता से बाहर कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना विश्वास प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान एक दर्जन से अधिक मीसा बंदियों और आपातकाल के दौरान आंदोलन में सक्रिय रहे लोगों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता, भाजपा प्रदेश मंत्री मनोज सिंह, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, पूर्व मंत्री कमलेश सिंह, पूर्व सांसद मनोज कुमार, पूर्व विधायक पुष्पा देवी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


