Khunti: कर्रा प्रखंड के लापा बांध टोली निवासी सुनीत केरकेट्टा की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को संयुक्त पड़हा संघ के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने जरियागढ़ थाना का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी को साजिश करार दिया और सुनीत केरकेट्टा को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण थाना परिसर में प्रवेश कर गिरफ्तार सुनीत केरकेट्टा की तलाश करने लगे, हालांकि वे वहां नहीं मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस पर झूठे आरोप लगाकर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि सुनीत केरकेट्टा का किसी भी आपराधिक या उग्रवादी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर उन्हें झूठे मामलों में फंसा रही है और विरोध करने वालों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
सुनीत केरकेट्टा की पत्नी एग्नेशिया बागे ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 12 बजे जरियागढ़ पुलिस उनके घर पहुंची। उनके अनुसार, दरवाजा खुलवाने के बाद पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए और तलाशी ली। इसके बाद पुलिस ने हथियार बरामद होने का दावा करते हुए सुनीत केरकेट्टा को अपने साथ ले लिया। एग्नेशिया बागे ने इस संबंध में थाना में आवेदन देकर अज्ञात वर्दीधारी लोगों द्वारा उनके पति को उठाकर ले जाने की शिकायत भी दर्ज कराई है।

वहीं पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तारी को पूरी तरह वैधानिक बताया है। पुलिस का कहना है कि सुनीत केरकेट्टा के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई से संबंध होने के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार पीएलएफआई उग्रवादियों से बरामद डायरी में सुनीत केरकेट्टा का नाम और मोबाइल नंबर मिला था। इसी आधार पर उनके घर में छापेमारी की गई, जहां से हथियार और पीएलएफआई से संबंधित पर्चे बरामद होने का दावा किया गया है।
पुलिस का यह भी कहना है कि जांच के दौरान बक्सपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के कुछ लोगों के उग्रवादी संगठन से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है।
इधर, इस गिरफ्तारी को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। एक ओर ग्रामीण निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस अपने दावों पर कायम है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और अब सभी की नजर आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।



