Palamu News : पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड के अवसाने गांव की छोटी बच्ची ललिता कुमारी की भावुक अपील ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में उसने अपने परिवार के लिए आवास और सरकारी सहायता की मांग की थी। इस अपील के बाद उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत स्वयं गांव पहुंचे और परिवार को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिलाया।
उपायुक्त के घर पहुंचने पर ललिता और उसके परिवार की खुशी देखने लायक थी। ललिता के माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और लंबे समय से आर्थिक तंगी में जीवन बिता रहे थे। डीसी ने परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और ललिता की आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति तथा उसकी शिक्षा के प्रति रुचि की सराहना की।
दौरे के दौरान एक भावनात्मक पल तब देखने को मिला जब उपायुक्त ने ललिता के छोटे भाई को गोद में लेकर उसका जन्म प्रमाण पत्र सौंपा। इसके साथ ही परिवार के अन्य बच्चों को भी जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
प्रशासन ने दिव्यांग दंपति को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किया। इसके अलावा उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ट्राई साइकिल भी उपलब्ध कराई गई। इस पहल से परिवार को सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन की नई उम्मीद मिली है।
उपायुक्त ने ललिता के भाई आशिक कुमार और बहन आरती कुमारी का नामांकन नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र में कराया। उन्होंने स्वयं उपस्थिति रजिस्टर में बच्चों की हाजिरी दर्ज की और गांव की एक अन्य बच्ची का भी नामांकन सुनिश्चित किया। इस कदम को बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवसाने-3 के नए आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन भी उपायुक्त ने ललिता के साथ मिलकर किया। इस अवसर पर बच्चों के बीच स्लेट, कॉपी, पेंसिल, शार्पनर, इरेजर और फल वितरित किए गए। उन्होंने बच्चों को नियमित पढ़ाई करने और शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।
दौरे के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए और बच्चों को स्पॉन्सरशिप जैसी कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए। उन्होंने इस मामले को सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग और संवेदनशील प्रशासनिक पहल का उदाहरण बताते हुए कहा कि समय पर सामने आई एक अपील ने जरूरतमंद परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त किया।



