Dhanbad : धनबाद के बीसीसीएल पूर्वी झरिया क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद नौकरी मिलने की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई, जब रंजीत कुमार महथा की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई।
मंगलवार को रंजीत कुमार महथा ने बीसीसीएल में अपना योगदान पत्र (ज्वाइनिंग डॉक्यूमेंट) जमा किया था। वर्षों के संघर्ष के बाद नौकरी मिलने से परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी अचानक मौत की खबर ने सब कुछ बदल दिया।
जानकारी के अनुसार, ज्वाइनिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद रंजीत खाना खाने के लिए मोहलबनी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। हालांकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता अभी तक नहीं चल सका है।
घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन और स्थानीय लोग शव लेकर बीसीसीएल के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आश्रित को नौकरी और उचित मुआवजे की मांग को लेकर गेट जाम कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बीसीसीएल की नियोजन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि आश्रित नियोजन में वर्षों की देरी के कारण परिवारों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी होती, तो शायद ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मृतक रंजीत कुमार महथा के परिवार का भी बीसीसीएल से पुराना संबंध रहा है। उनके पिता स्व. विमल कुमार महथा बीसीसीएल कर्मचारी थे। पिता के निधन के बाद उनकी पत्नी मृदुला देवी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी, लेकिन 2018 में उनका भी निधन हो गया। इसके बाद रंजीत लगातार आठ वर्षों तक नियोजन के लिए संघर्ष कर रहे थे।
लंबे इंतजार के बाद नौकरी मिलने के बावजूद अचानक हुई इस मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं, स्थानीय लोग बीसीसीएल प्रबंधन से पारदर्शी और तेज नियोजन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद बीसीसीएल कार्यालय के गेट पर धरना जारी रहा। बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शन करते रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची।
समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारियों और बीसीसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता जारी थी। मौके पर महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी और पुलिस बल स्थिति को संभालने में जुटे रहे।



