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स्वच्छता और हरियाली में झारखंड का परचम, राष्ट्रीय SHVR रैंकिंग में राहे बालिका आवासीय विद्यालय देश में नंबर-1

Ranchi : झारखंड ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26 में राज्य के तीन सरकारी विद्यालयों को ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ के लिए चयनित किया गया है। इनमें सबसे बड़ी उपलब्धि रांची जिले के राहे स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय ने हासिल की है, जिसने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

इस विद्यालय को मूल्यांकन प्रक्रिया में 99.20 अंक मिले हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक हैं। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे झारखंड के शिक्षा क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

इसके अलावा हजारीबाग जिले का एक अन्य बालिका विद्यालय राष्ट्रीय सूची में 21वें स्थान पर रहा है, जबकि लातेहार जिले के यूपीजी एमएस तुरिसोत ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सम्मान सूची में जगह बनाई है। इन तीनों विद्यालयों का चयन झारखंड के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कड़े मानकों पर हुआ मूल्यांकन

SHVR रेटिंग के तहत विद्यालयों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया, जिनमें स्वच्छ पेयजल, अलग शौचालय व्यवस्था, हाथ धोने की सुविधा, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, कचरा प्रबंधन और हरित परिसर जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं।

विद्यालयों को पहले अपने कार्यों से जुड़े फोटो और दस्तावेज एक निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं। इसके बाद जिला, राज्य और केंद्र स्तर की टीमों द्वारा निरीक्षण और सत्यापन किया जाता है। सभी चरणों में मिले अंकों के आधार पर अंतिम राष्ट्रीय रैंकिंग तैयार होती है।

पुरस्कार और प्रोत्साहन

चयनित सभी विद्यालयों को ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ के साथ 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों को देश के अन्य उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों का अध्ययन करने के लिए शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट का अवसर भी मिलेगा।

सामूहिक प्रयासों का परिणाम: विद्यालय प्रशासन

राहे स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की प्राचार्य बिमला कुमारी ने इस उपलब्धि को पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से विद्यालय में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। बाल संसद जैसी गतिविधियों ने भी इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करना झारखंड के लिए गर्व की बात है और यह अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

शिक्षा विभाग ने जताई खुशी

रांची के जिला शिक्षा पदाधिकारी बादल राज ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग लगातार सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयासरत हैं। स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और हरित वातावरण पर फोकस का ही परिणाम है कि अब झारखंड के स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि योजनाबद्ध प्रयास और सामुदायिक सहभागिता के जरिए सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।

झारखंड के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

यह उपलब्धि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे न केवल सरकारी स्कूलों की छवि बेहतर होगी, बल्कि अन्य विद्यालयों को भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

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