Ranchi : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले चल रहे मतदाता मैपिंग अभियान की प्रगति को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कई जिलों, विशेषकर रांची में वोटर मैपिंग की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई गई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 जून तक राज्यभर में मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, उन्हें SIR प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उनका नाम तत्काल मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस मिलने के बाद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में अब तक लगभग 76 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनमैप्ड मतदाताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर संपर्क स्थापित किया जाए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और गैर-नागरिक श्रेणी के मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक सटीक बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र भारतीय नागरिक ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बनें और गैर-नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
बैठक में मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न प्रपत्रों की लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 15 जून तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित सभी लंबित मामलों का निपटारा कर दिया जाए। समीक्षा बैठक में सुबोध कुमार, देव दास दत्ता, धीरज कुमार ठाकुर और सुनील कुमार सहित सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।


