Dhanbad : गोविंदपुर प्रखंड में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन तथा वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक से पहले जिला प्रशासन की आठ टीमों ने विभिन्न पंचायतों में जाकर सरकारी योजनाओं, संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कई मामलों में जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान उदयपुर और जमडीहा पंचायत के पंचायत सचिवों के कार्यों में गंभीर लापरवाही पाई गई। इसके बाद उपायुक्त ने दोनों पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। वहीं, कार्य में शिथिलता बरतने के आरोप में गोविंदपुर के बीपीओ के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
मुर्गाबनी पंचायत में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद संबंधित संवेदक और कनीय अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों में राशन वितरण में कटौती, रेट चार्ट नहीं लगाने और वजन में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने पर संबंधित डीलरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में रखरखाव और अभिलेख संधारण में गंभीर कमियां पाई गईं। इसके चलते संबंधित महिला पर्यवेक्षिका का वेतन रोकने का आदेश दिया गया। वहीं, सहराज स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश जारी किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान बांधडीह स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर वहां के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) का वेतन रोकने का आदेश दिया गया। साथ ही भीतिया के सीएचओ से नए भवन का हैंडओवर नहीं लेने के कारण स्पष्टीकरण मांगा गया। फुफुआडीह और सहराज में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर संबंधित कनीय अभियंताओं का वेतन भी रोक दिया गया।
इसके अलावा भीतिया में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स स्टेडियम में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित कनीय अभियंता का वेतन रोकते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने निर्माण कार्यों में देरी या गुणवत्ता से समझौता करने वाले संवेदकों और एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तथा उनके लंबित भुगतान रोकने के भी निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ आम लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनियमितता या भ्रष्टाचार पाए जाने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, डीआरडीबी निदेशक राजीव रंजन, बीडीओ जाहिर आलम, सीडीपीओ, मनरेगा पीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।


