Ranchi : रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत ने शराब घोटाला मामले में आरोपी शराब कारोबारी नवीन केडिया को बड़ा झटका देते हुए उनकी विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें इंग्लैंड जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
नवीन केडिया ने अदालत में याचिका दाखिल कर 1 जून से 23 जुलाई तक इंग्लैंड जाने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने अपनी याचिका में बेटे की ग्रेजुएशन सेरेमनी में शामिल होने सहित कई निजी कारणों का हवाला दिया था। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया।

नवीन केडिया फिलहाल झारखंड हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा हैं। उन्हें एसीबी ने 11 मार्च को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि झारखंड में घटिया गुणवत्ता वाली देसी शराब की आपूर्ति और उससे जुड़े वित्तीय अनियमितताओं में उनकी भूमिका रही है।
यह मामला झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच 20 मई 2025 से एसीबी द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुटी हैं।
हालांकि, जांच प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण कुछ आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई। इससे जांच और कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी खड़े हुए हैं।
इसी बीच अदालत ने एक अन्य मामले में गैर-जमानती वारंट को प्रक्रिया में खामी पाए जाने पर रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बिना उचित तामिला रिपोर्ट और संतुष्टि दर्ज किए गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जा सकता, इसलिए आदेश को अवैध माना गया।
डोरंडा थाना क्षेत्र से जुड़े एक अलग मामले में जमीन विवाद और मारपीट के केस में नौ आरोपियों को दोषी ठहराया गया। हालांकि, अदालत ने सभी को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ देते हुए चेतावनी के साथ रिहा कर दिया।
इसके अलावा, एक चेक बाउंस मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 8.12 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है, और राशि न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी रखा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर झारखंड में चल रहे शराब घोटाले और उससे जुड़े विभिन्न कानूनी मामलों को सुर्खियों में ला दिया है, जहां जांच, गिरफ्तारी और अदालत के फैसलों की श्रृंखला लगातार जारी है।



