Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग में भाजपा के दो बड़े नेताओं, सांसद मनीष जायसवाल और विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उनके बीच पैदा हुई दूरियों के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी, जिसने गलतफहमियां पैदा कीं।
भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पहल के बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई और विवाद को खत्म कर लिया गया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता मिलकर संगठन को मजबूत करने में जुटेंगे।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि उनके और विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच किसी “शकुनि मामा” ने खेल खेला था, जिसकी वजह से दोनों के बीच गलतफहमियां पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि अब उस व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और भविष्य में ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखी जाएगी। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि अब दोनों नेताओं के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।
वहीं विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी माना कि कुछ बातों को लेकर दोनों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने कहा कि अब सारी गलतफहमियां दूर हो चुकी हैं और दोनों पहले की तरह मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी की बातों में आने से यह स्थिति बनी थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य हो गया है।
दरअसल, दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत हजारीबाग क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम को लेकर हुई थी। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ते हुए भाजपा के प्रशिक्षण शिविर तक पहुंच गया था। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली थी। प्रदीप प्रसाद ने सांसद को “धृतराष्ट्र” तक कह दिया था, जबकि मनीष जायसवाल ने विधायक को “उदंड” बताया था।
हालात इतने बिगड़ गए थे कि दोनों नेताओं के बीच चल रही तनातनी की चर्चा दिल्ली तक पहुंच गई थी। पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान दोनों नेताओं से अलग-अलग और फिर संयुक्त रूप से बातचीत की गई। इसके बाद मामला शांत हुआ और दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से एकजुटता का संदेश दिया।
अब भाजपा संगठन इस विवाद के समाप्त होने को सकारात्मक संकेत मान रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आगामी चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए सभी नेताओं का एकजुट रहना जरूरी है। हजारीबाग में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी इस सुलह के बाद राहत और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।


