Palamu: पलामू जिले के नक्सल प्रभावित छत्तरपुर क्षेत्र के पाटादोहर गांव में ग्रामीणों ने सामाजिक एकजुटता और मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। गांव के लोगों ने मिलकर एक अनाथ बेटी की शादी करवाई और यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी संवेदनाएं और अपनापन जीवित हैं। इस नेक कार्य में पर्यावरणविद Kaushal Kishore Jaiswal और उनकी पत्नी मुखिया Poonam Jaiswal ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाटादोहर गांव की रहने वाली बरती कुमारी के माता-पिता का निधन हो चुका है। ऐसे में उसकी शादी को लेकर ग्रामीणों ने आपसी बैठक की और सामूहिक रूप से उसकी जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। गांव के लोगों ने मिलकर बरती कुमारी का रिश्ता छत्तरपुर क्षेत्र के रहने वाले अर्जुन सिंह से तय कराया और विवाह की पूरी तैयारी शुरू की।
ग्रामीणों की इस पहल को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल और उनकी मुखिया पत्नी पूनम जायसवाल ने शादी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। दोनों ने न केवल आर्थिक सहयोग किया, बल्कि शादी समारोह में शामिल होकर नवदंपति को आशीर्वाद भी दिया। गांव के लोगों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार हर घर से सहयोग देकर इस विवाह को सफल बनाया।
शादी समारोह के दौरान कौशल किशोर जायसवाल ने नवविवाहित जोड़े को अमरूद और कपूर के पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि पौधे केवल उपहार नहीं, बल्कि नए जीवन, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक हैं। उन्होंने नवदंपति को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जीवन में प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखने की सलाह दी।
कौशल किशोर जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों ने पूरी एकजुटता के साथ इस शादी को संपन्न कराने का निर्णय लिया था। गांव के प्रत्येक परिवार ने किसी न किसी रूप में मदद की, जिससे यह आयोजन सामूहिक सामाजिक सहयोग का उदाहरण बन गया। उन्होंने कहा कि समाज यदि इसी तरह जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा हो, तो किसी भी बेटी को खुद को अकेला महसूस नहीं करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि कौशल किशोर जायसवाल लंबे समय से सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़े हुए हैं। वे अब तक 22 अनाथ और असहाय बच्चों की शादी करवा चुके हैं और इन सभी विवाहों का खर्च स्वयं वहन कर चुके हैं। समाजसेवा के प्रति उनकी यह प्रतिबद्धता लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।
ग्रामीणों और समाजसेवियों की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि सामाजिक एकता और सहयोग से किसी भी जरूरतमंद की जिंदगी में खुशियां लाई जा सकती हैं। पाटादोहर गांव की यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे मानवता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।



