Ranchi : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने रांची दौरे के दौरान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के विस्तार और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि रांची एयरपोर्ट को देश और दुनिया से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान एयरपोर्ट पर कई नई यात्री सुविधाओं का उद्घाटन भी किया गया, जिनमें “उड़ान यात्री कैफे” सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
Birsa Munda Airport पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके अलावा फीचर वॉल, अवसर काउंटर, किड्स जोन, फ्लाईबेरी और उड़ान यात्री कैफे जैसी सुविधाओं की शुरुआत की गई।
उड़ान यात्री कैफे के जरिए अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर सस्ती दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। यहां चाय 10 रुपये और स्नैक्स 20 रुपये में मिलेंगे। इस पहल को आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth ने रांची से काशी के लिए सीधी फ्लाइट शुरू करने और रांची एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग रखी। वहीं राज्यसभा सांसद Mahua Maji ने हवाई किरायों को नियंत्रित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते किराए के कारण आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसे संतुलित करना जरूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि आज के दौर में एयरपोर्ट केवल यात्रा के साधन नहीं, बल्कि किसी राज्य की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पहचान के केंद्र बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले लोग अच्छी सड़कों की मांग करते थे, अब उसी तरह आधुनिक एयरपोर्ट की मांग बढ़ी है। उनके अनुसार एयरपोर्ट रोजगार, व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है। वर्ष 2014 में देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 165 हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से पांच वर्ष पहले जहां सालाना लगभग 17 लाख यात्री सफर करते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 27 लाख पहुंच गई है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता और बढ़ गई है।
राम मोहन नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ रांची ही नहीं, बल्कि दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, चाईबासा और डाल्टनगंज जैसे शहरों में भी एयर कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बजट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे शहरों को भी बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित ऊर्जा संकट को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत के लिए स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन देश को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सिविल एविएशन समेत हर सेक्टर को संभावित असर का आकलन करना होगा और शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म तथा लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार करनी होगी।
बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच एयर ट्रैवल महंगा होने की आशंका पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पहले से ही कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में राहत और एयरपोर्ट पर लैंडिंग-पार्किंग चार्ज कम करने जैसे फैसले लिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि यात्रियों की संख्या और मांग बढ़ती है तो सरकार अतिरिक्त उड़ानें और अधिक विमान उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने पिछले वर्ष अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जांच पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच अंतिम चरण में है और इसे पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी और यह अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरेगी।



