Ranchi : झारखंड में आगामी 30 जून से शुरू होने जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर राजनीतिक दल चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रेस वार्ता कर कहा कि उनकी पार्टी योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटने नहीं देगी और इसके लिए बूथ स्तर पर पूरी तैयारी की गई है।
रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR अभियान का स्वागत करती है, लेकिन इसके पीछे मतदाताओं के नाम हटाने की आशंका को लेकर गंभीर चिंता भी व्यक्त करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चरणों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और इसी वजह से पार्टी पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “SIR के जरिए मतदाताओं की चोरी की जा रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की मंशा रखता है। उनके मुताबिक, कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी योग्य मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) हर मतदान केंद्र पर सक्रिय रहेंगे और मतदाताओं की जानकारी को सही तरीके से अपडेट कराने में मदद करेंगे।
कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारी की जानकारी देते हुए कहा कि राज्यभर में बड़ी संख्या में बीएलए नियुक्त किए गए हैं। केशव महतो कमलेश ने बताया कि राज्य में लगभग 29 हजार मतदान केंद्र हैं, जिनमें से चुनाव आयोग के अनुसार करीब 21 हजार बीएलए बनाए गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इनमें से 17 हजार 281 बीएलए नियुक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनिंग के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे बीएलओ के साथ समन्वय बनाकर योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने का काम कर सकें।
उन्होंने दावा किया कि अब तक राज्य में लगभग 1.94 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग अभी बाकी है। कांग्रेस को आशंका है कि यदि निगरानी नहीं रखी गई तो इन मतदाताओं के नाम सूची से छूट सकते हैं। पार्टी का कहना है कि वह हर स्तर पर सक्रिय रहकर यह सुनिश्चित करेगी कि किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया न जाए।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि पिछले दो चरणों में हुए विशेष पुनरीक्षण अभियानों के दौरान देशभर में लगभग 6 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि तीसरे चरण में करीब 4 करोड़ और नाम कट सकते हैं। इसी कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है और किसी भी योग्य नागरिक को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
SIR को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी अब और तेज होने की संभावना है। जहां कांग्रेस चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं अन्य दल भी अपने-अपने स्तर पर तैयारी में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे चुनावी रणनीति और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।


