Ranchi: रांची में आयोजित जनता दरबार के दौरान जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने एक तरफ आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली का परिचय दिया, वहीं दूसरी ओर जमीन, म्यूटेशन और अतिक्रमण जैसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख भी अपनाया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे थे। उपायुक्त ने एक-एक मामले को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब रांची निवासी दिव्यांग शाहनवाज आलम अपनी समस्या लेकर उपायुक्त के समक्ष पहुंचे। चलने-फिरने में असमर्थ शाहनवाज ने अपनी दैनिक परेशानियों के बारे में बताया। उनकी स्थिति को देखते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराई और कुछ ही देर में उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध करवा दी। इतना ही नहीं, उपायुक्त स्वयं शाहनवाज को ट्राईसाइकिल तक लेकर गए और कार्यालय परिसर से बाहर तक उन्हें छोड़ने पहुंचे। प्रशासन की इस पहल से शाहनवाज के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
जनता दरबार में भूमि और म्यूटेशन से जुड़े कई मामले भी सामने आए। अनगड़ा निवासी सेवाराम महतो ने जमीन म्यूटेशन में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि जरूरी दस्तावेजों को नजरअंदाज कर गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर म्यूटेशन कर दिया गया था। मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उपायुक्त ने संबंधित तत्कालीन कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोनाहातू क्षेत्र से आए एक अन्य आवेदक ने प्लॉट सुधार के लंबे समय से लंबित मामले की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि एक माह के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।
मांडर क्षेत्र से कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी जनता दरबार में उठाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि आने वाले समय में सरकारी जमीनों की निगरानी और जांच अभियान और तेज किया जाएगा।
जनता दरबार में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने मानदेय भुगतान में अनियमितता और पोषाहार राशि में गड़बड़ी की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को मामले की जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुआवजा मामलों में भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों को जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
जनता दरबार के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन और आम जनता के बीच भरोसे का संबंध मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता को न्याय और सुविधा दोनों समय पर मिल सके।


