Dhanbad: झरिया विधानसभा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भू-धंसान और गैस रिसाव की घटनाओं को लेकर विधायक Ragini Singh ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंदुआ और आसपास के खनन प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति को विस्तार से रखते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई। विधायक ने कहा कि झरिया क्षेत्र के लोग वर्षों से खनन जनित समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अब हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं।
बैठक के दौरान विधायक रागिनी सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि केंदुआ क्षेत्र में लगातार हो रही भू-धंसान और गैस रिसाव की घटनाओं ने स्थानीय लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। कई परिवार ऐसे क्षेत्रों में रहने को मजबूर हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जमीन धंसने और जहरीली गैस निकलने की वजह से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है।
विधायक ने कतरास के सोनारडीह इलाके का भी मुद्दा उठाया, जहां हाल के दिनों में भू-धंसान की घटनाओं में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की तत्काल जरूरत है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़े हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराकर जोखिम वाले इलाकों को चिन्हित किया जाए।
बैठक में धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि सड़क क्षतिग्रस्त होने और कई हिस्सों में मार्ग बंद रहने से हजारों लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने इस मार्ग की जल्द मरम्मत कर इसे आम लोगों के लिए पुनः सुचारू रूप से खोलने की मांग की।
रागिनी सिंह ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि भू-धंसान और गैस रिसाव से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानांतरण, पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और मूलभूत सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दीर्घकालिक और ठोस पुनर्वास नीति लागू करनी होगी ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधायक को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा कर जल्द समाधान निकालने की दिशा में काम किया जाएगा।
झरिया और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में वर्षों से भू-धंसान, आग और गैस रिसाव जैसी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में विधायक रागिनी सिंह की यह पहल स्थानीय लोगों के लिए उम्मीद लेकर आई है। अब क्षेत्रवासियों की नजर केंद्र सरकार की आगामी कार्रवाई और पुनर्वास योजनाओं पर टिकी हुई है, ताकि उन्हें सुरक्षित और बेहतर जीवन मिल सके।


