Deoghar : श्रावणी मेला 2026 के दौरान इस बार गणेश चतुर्थी और सावन की पहली सोमवारी का दुर्लभ संयोग बनने से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने लगा है। रविवार से ही देश के विभिन्न राज्यों से कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। श्रद्धालु इस विशेष संयोग को अत्यंत शुभ मानते हुए भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में बाबा धाम पहुंच रहे हैं।
सोमवार को पहली सोमवारी होने के कारण मंदिर परिसर में रिकॉर्ड भीड़ की संभावना जताई गई है। जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने अनुमान लगाया है कि इस दिन करीब ढाई लाख से तीन लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहली सोमवारी के अवसर पर श्रद्धालुओं को केवल बाहरी अर्घा प्रणाली और भीतरी अर्घा प्रणाली के माध्यम से ही जलार्पण करने की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही मंदिर में प्रवेश और जल चढ़ाने की सुविधा मिलेगी, ताकि भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए रविवार और सोमवार को शीघ्र दर्शनम कूपन की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। इससे सभी श्रद्धालुओं को एक समान कतार में दर्शन और जलार्पण कराया जाएगा। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे निगरानी और व्यवस्था संभालेंगे।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर के वरिष्ठ पुजारी लंबोदर परिहस्त ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। उनका कहना है कि इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने वाले भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
प्रशासन का मानना है कि पहली सोमवारी के बाद भी पूरे श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहेगा। इसे देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन एवं जलार्पण कर सकें।
श्रावणी मेला 2026 में गणेश चतुर्थी और पहली सोमवारी का यह विशेष संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी वजह से इस बार बाबा धाम में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे देवघर में भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है।
