Ranchi : भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर झारखंड में ‘समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की है। मंगलवार को रांची के कार्निवल बैंक्विट हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में काशी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से 29 जुलाई को लाई गई पवित्र मिट्टी को झारखंड के सभी 30 संगठनात्मक जिलों के लिए रवाना किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने संत रविदास के सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने दोहों और संदेशों के जरिए समाज में व्याप्त छुआछूत और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने भक्ति के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना को भी मजबूत करने का प्रयास किया।
दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत रविदास की वाणी से समाज के हर वर्ग के लोग प्रभावित थे। उनके मुताबिक मध्यकालीन भारत में कई संतों ने सामाजिक समरसता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि संत रविदास के संदेश आज भी समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए प्रासंगिक हैं।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि काशी से लाई गई पवित्र मिट्टी को जिला स्तर की टोलियां गांव-गांव तक लेकर जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक संत रविदास के विचार और संदेश पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने संत रविदास को भारत की आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ज्ञान दिया है। मुंडा ने कहा कि 29 जुलाई 2026 से शुरू हुआ यह अभियान 20 फरवरी 2027 तक चलेगा और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत रविदास का संदेश भाईचारे, सामाजिक बुराइयों को दूर करने और समाज को एकजुट करने का है। वहीं संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर देशभर में उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि 29 जुलाई को काशी से लाई गई पवित्र मिट्टी अब जिला टोलियों के माध्यम से मंडल और गांवों तक पहुंचाई जाएगी। भाजपा के अनुसार, 20 फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को संत रविदास के समरसता, भाईचारे और सामाजिक समानता के संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।