Ranchi : झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि मंगलवार को समाप्त हो रही है. इस प्रक्रिया के तहत फॉर्म जमा करने वाले मतदाताओं के नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे. इस बीच SIR अभियान का असर राज्य के निर्माण क्षेत्र में कार्यरत प्रवासी मजदूरों पर भी दिखाई देने लगा है.
राज्य में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लंबे समय से पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश समेत अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर काम करने आते रहे हैं. हालांकि SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसे प्रवासी मजदूरों की संख्या में कमी देखी जा रही है. इससे निर्माण कार्यों पर असर पड़ने के साथ-साथ श्रमिकों के पलायन की स्थिति भी सामने आ रही है.
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा ने कहा कि SIR सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य नागरिकों की पहचान सुनिश्चित करना है. उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को भी अपने-अपने राज्यों में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के जरिए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने में भी मदद मिल रही है.
आदित्य मलहोत्रा के अनुसार, प्रवासी मजदूरों के लौटने से स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड के कुशल मजदूर निर्माण कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं और स्थानीय स्तर पर उन्हें अधिक अवसर मिलना राज्य के हित में है.
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि प्रवासी मजदूरों की कमी के कारण फिलहाल निर्माण क्षेत्र में कुछ कठिनाइयां आ रही हैं. उनके मुताबिक यह स्थिति अस्थायी है और समय के साथ स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी बढ़ने पर निर्माण कार्य सामान्य हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों के लिए रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करे.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 28 जुलाई तक 2,20,20,994 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरकर हस्ताक्षर सहित जमा कर दिए हैं, जिनका डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है. वहीं 1,12,642 से अधिक लोगों ने गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है, जबकि 43,55,463 मतदाताओं ने अब तक अपना फॉर्म जमा नहीं किया है.
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 7,61,755 मतदाता मृत पाए गए हैं, 14,59,029 मतदाता अनुपस्थित या पता नहीं चल सके हैं, जबकि 15,87,496 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 4,34,541 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनका नाम पहले से ही किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में दर्ज है. चुनाव आयोग का कहना है कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और दावे भी दर्ज किए जा सकेंगे.


