Breaking News

झारखंड के तीन शहरों में खुलेंगे प्रीमियम मिलेट्स कैफेटेरिया, मड़ुआ समेत मोटे अनाज की खेती को मिलेगा बढ़ावा


Ranchi : झारखंड सरकार राज्य में मोटे अनाज (मिलेट्स) को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. कृषि विभाग रांची, जमशेदपुर और देवघर में प्रीमियम मिलेट्स कैफेटेरिया शुरू करेगा, जहां मड़ुआ समेत विभिन्न श्रीअन्न से बने पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध होंगे. सरकार का उद्देश्य लोगों में मिलेट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है.

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि प्रत्येक प्रीमियम मिलेट्स कैफेटेरिया के लिए पहले वर्ष में सरकार अधिकतम एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी. इसके लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि तीन बड़े शहरों में कैफेटेरिया शुरू होने के बाद अन्य जिलों में छोटे मिलेट्स आउटलेट भी खोले जाएंगे, जिनके लिए प्रति आउटलेट 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वित्तीय सहायता केवल पहले वर्ष के लिए होगी. इसके बाद संबंधित कैफेटेरिया के प्रदर्शन के आधार पर आगे की सहायता या विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा. सरकार चाहती है कि ये कैफेटेरिया आत्मनिर्भर मॉडल पर संचालित हों और राज्य में मिलेट्स आधारित खाद्य संस्कृति को बढ़ावा दें.

प्रीमियम मिलेट्स कैफेटेरिया में मड़ुआ और अन्य मोटे अनाज से बने इडली, डोसा, धुस्का, पिज्जा, रोटी, हलवा, मिठाइयों सहित कई प्रकार के स्नैक्स और पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे. कृषि विभाग का मानना है कि स्वाद और स्वास्थ्य का बेहतर संयोजन लोगों को मिलेट्स अपनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे बाजार में इन उत्पादों की मांग बढ़ेगी.

सरकार का लक्ष्य झारखंड को मिलेट्स उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है. बढ़ती मांग से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और वे मड़ुआ समेत अन्य मोटे अनाज की खेती के लिए अधिक प्रोत्साहित होंगे. विभाग का मानना है कि बाजार तैयार होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के दौर में मिलेट्स की खेती बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. कम पानी में तैयार होने वाली ये फसलें भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं. इसी सोच के तहत सरकार किसानों को मड़ुआ की खेती पर प्रति एकड़ 3,000 रुपये और अधिकतम पांच एकड़ तक 15 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है. साथ ही मिलेट्स के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है.

रांची सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हिमालय झा ने मड़ुआ को ‘सुपर फूड’ बताते हुए कहा कि इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह मधुमेह, मोटापा और हृदय रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है. उनका कहना है कि सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि राज्य में पोषण सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी.

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post