Ranchi : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। पांच कार्य दिवस वाले इस सत्र को लेकर सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने विभिन्न विधायी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित कराने को लेकर चर्चा हुई। स्पीकर ने सभी दलों से सहयोग की अपील की।
स्पीकर कक्ष में हुई बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, माले विधायक अरूप चटर्जी, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान, राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान और जेएलकेएम के जयराम महतो समेत कई नेता मौजूद रहे।
JPSC छात्रों के आंदोलन पर विशेष चर्चा की मांग
बैठक में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन का मुद्दा भी उठा। विधायी दलों के नेताओं ने छात्रों के आंदोलन पर विधानसभा में विशेष चर्चा कराने की मांग रखी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि स्पीकर ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर निर्णय लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे पर आगे की रणनीति विधायक दल की बैठक में तय की जाएगी।
जयराम महतो ने सरकार से छात्रों से संवाद की मांग की
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने मांग की कि सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल छात्र आंदोलन स्थल पर भेजा जाए और अभ्यर्थियों से बातचीत की जाए। उन्होंने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत JSSC की अन्य विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा बैठक में राज्य में कृषि की स्थिति और संभावित सुखाड़ पर भी विधानसभा में विशेष चर्चा कराने की मांग रखी गई।

सरकार ने कहा- बातचीत के लिए दरवाजे खुले
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि बैठक में छात्र आंदोलन और सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने इन विषयों पर कार्यमंत्रणा समिति में निर्णय लेने की बात कही है। छात्रों से बातचीत के लिए सरकारी प्रतिनिधिमंडल भेजने को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं और कोई भी आकर बातचीत कर सकता है।
JPSC समेत कई मुद्दों पर हंगामे के आसार
मानसून सत्र के दौरान JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी, छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। ऐसे में सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं। इसके साथ ही राज्य में कृषि और सुखाड़ की स्थिति भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। सरकार की ओर से चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा।
7 अगस्त को पेश होगा पहला अनुपूरक बजट
सत्र के कार्यक्रम के मुताबिक 6 अगस्त को शोक प्रकाश के बाद सामान्य कामकाज होगा। 7 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। 8 और 9 अगस्त को शनिवार और रविवार होने के कारण सदन की बैठक नहीं होगी। 10 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद संबंधित विनियोग विधेयक पारित कराया जाएगा।
12 अगस्त को समाप्त होगा मानसून सत्र
11 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे, जबकि 12 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ राजकीय विधेयक और गैर-सरकारी संकल्प सदन में पेश किए जाएंगे। इस तरह पांच कार्य दिवसों के बाद 12 अगस्त को मानसून सत्र समाप्त होगा। हालांकि, JPSC-JSSC आंदोलन और सुखाड़ जैसे मुद्दों पर विपक्ष की सक्रियता को देखते हुए इस बार सदन में सियासी सरगर्मी तेज रहने की संभावना है।


