Hazaribagh : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में लेवी वसूली और फायरिंग की घटनाओं से दहशत फैलाने वाले राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार तड़के केरेडारी थाना क्षेत्र के बुकरू जंगल के पास हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा भागने के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी की पहचान बड़कागांव के डाड़ीकला ओपी क्षेत्र के चेपाखुर्द निवासी मो. रागीब अफजल के रूप में हुई है। वहीं दूसरा गिरफ्तार आरोपी केरेडारी के पगार ओपी क्षेत्र के चट्टीबरियातु निवासी जितेंद्र सोनी है। दोनों के कब्जे से एक देसी पिस्टल, तीन मोबाइल फोन और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि दो अपराधी चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना के परिवहन मार्ग स्थित बुकरू-पचरा रोड बैरियर के पास पर्चा छोड़कर जंगल की ओर भागे हैं। सूचना के आधार पर बड़कागांव एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखते ही दोनों भागने लगे और पीछा किए जाने पर कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मो. रागीब अफजल के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को पहले बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, उसका साथी जितेंद्र सोनी जंगल की ओर भागते समय गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य होने की बात स्वीकार की है। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने बताया कि गिरोह कोयलांचल क्षेत्र में ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों और कोयला कंपनियों से कथित तौर पर लेवी वसूलने के लिए दहशत फैलाता था।
पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन की जांच में कई संवेदकों, ट्रांसपोर्टरों, कोल कंपनियों के अधिकारियों और व्यापारियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया है। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस का कहना है कि कोयलांचल क्षेत्र में संगठित अपराध और लेवी वसूली पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच के दौरान गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



